उन्नाव: आज़ादी के बाद से हुए चुनावों में महज 3 बार ही जीती भाजपा

(फोटो व खबर- नमन मिश्रा)

उन्नाव: जनपद मुख्यालय की सदर सीट जहाँ से पाँचों विधानसभा के लिए हवा बनती है। यह सीट 18 बार हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी महज तीन बार ही जीत दर्ज करा सकी है। 1991 के चुनाव में भाजपा ने राम मंदिर की लहर में सदर सीट से जीत हासिल की। जबकि 2014 में हुए विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मोदी लहर का लाभ मिला। पिछले 2017 के चुनाव में भी मोदी लहर हावी रही और भाजपा ने फिर जीत का परचम लहराया।

भाजपा प्रत्याशी पंकज गुप्ता
सपा प्रत्याशी डॉ अभिनव कुमार

सदर विधानसभा क्षेत्र में पुरुष मतदाता 2 लाख 22 हज़ार 136, महिला मतदाता 1 लाख 86 हज़ार 889 व मंगलामुखी  मतदाताओं की संख्या 28 है। इस प्रकार सदर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 4 लाख 9 हज़ार 53 है। जो विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी का चयन करेंगे। अगर बात पिछले विधानसभा चुनाव की करें तो वर्ष 2017 में हुए चुनाव में भाजपा के पंकज गुप्ता को 1 लाख 19 हज़ार 669 मत मिले थे। जबकि उनके निकटतम सपा व कांग्रेस गठबंधन से सपा प्रत्याशी रही मनीषा दीपक को 73 हज़ार 597 मत मिले थे। वही बसपा प्रत्याशी पंकज त्रिपाठी को मात्र 26 हज़ार 739 मत मिले थे।  

बसपा प्रत्याशी देवेन्द्र सिंह
कांग्रेस प्रत्याशी आशा सिंह

बताते चले कि 1951 में कांग्रेस से लीलाधर अस्थाना, 1957 में पीएसपी (प्रजा सोशलिस्ट पार्टी) से चौधरी खजान सिंह, 1962 व 1967 में कांग्रेस से जियाउर्रहमान अंसारी, 1969 में बीकेडी (भारतीय क्रांति दल) से अनवार अहमद, 1974 में बीकेडी से शिवपाल सिंह, 1977 में जनता पार्टी से चंद्रपाल सिंह, 1980 में जेएनपी (एस)(जनता पार्टी सेक्युलर) से शिवपाल सिंह, 1985 में लोकदल से मनोहर लाल, 1989 में जनता दल से मनोहर लाल, 1991 में भाजपा से शिवपाल सिंह, 1993 से समाजवादी पार्टी से मनोहर लाल,1996 में सपा से दीपक कुमार, 2002 में बसपा से कुलदीप सिंह सेंगर, 2007 व 2012 में सपा से दीपक कुमार व 2014 उपचुनाव व 2017 आम चुनाव में भाजपा से पंकज गुप्ता सदर विधायक बने। सदर विधानसभा सीट पर अबतक 18 चुनाव हुए। इसमें सिर्फ तीन बार ही भाजपा प्रत्याशियों के सिर जीत का सेहरा बंध पाया। इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाने में पार्टी के पक्ष में बनी चुनावी हवा का लाभ मिल पाया। सदर सीट पर भाजपा को पहली बार 1991 में जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा अयोध्या में राम मंदिर को मुद्दा बनाकर मैदान में थी। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव को जीत हासिल हुई। उन्होंने जनता दल के प्रत्याशी मनोहरलाल को हराया था। इसके बाद के चुनावों में लगातार शिकस्त खा रही भाजपा को 2014 में लोकसभा चुनाव के साथ हुए सदर सीट के उपचुनाव में जीत हांसिल हुई। इस चुनाव में मोदी लहर हावी रही थी। 2012 के चुनाव के आम चुनाव में इस सीट से रनर रहे भाजपा प्रत्याशी पंकज गुप्ता ने 2014 के उपचुनाव में सपा प्रत्याशी मनीषा दीपक को हराया था। अबकी चुनाव में सपा से अभिनव कुमार, भाजपा से पंकज गुप्ता, बसपा से देवेन्द्र सिंह व कांग्रेस ने माखी कांड की पीड़िता की माँ को सदर से प्रत्याशी बनाया है।   

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