उन्नाव: ठूंठ बने सिंचाई नलकूप, अधिकारी दे रहे भ्रामक जानकारी

उन्नाव: जनपद में सिंचाई व्यवस्था पंगु होकर रह गई है। 16 विकास खंडों में 230 राजकीय नलकूप है। जिसमें लगभग 75 नलकूप विभिन्न कारणों से खराब पड़े हुए हैं। उधर विभागीय अधिकारी भ्रामक सूचनाएं देकर उच्चाधिकारियों को भ्रमित करने में लगे हुए हैं।

रवी फसल में किसानों के खेत तक पानी पहुंचे ऐसे सरकारी निर्देश दिए गए हैं। किसानों को सींच पर पानी उपलब्ध हो सके। नलकूप खंड के जिले में 230 नलकूप हैं। औसतन एक नलकूप से 500 बीघे सींच की व्यवस्था की गई है, लेकिन सिंचाई के लिए बनी गुल और नालियां ध्वस्त हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक जनपद में लगभग एक दर्जन ऐसे नलकूप है जो कि 10 वर्षो से खराब पड़े हुए हैं।

बताते चले कि गंज मुरादाबाद के ग्राम ब्यौली इस्लामाबाद, फतेहपुर खालसा के नलकूप तकरीबन 8 साल से खराब है। नवाबगंज में 27 नलकूप लगे हैं। जिनमें 7 नलकूपों में मकूर, ललापुर, प्रेमनगर,बिचपरी, चमरौली,हसनापुर, सोहरामऊ शामिल है। इसी तरह सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड में 7 नलकूप है जिसमें चिलौला, बेहटा, देवारा कला, बनी,ख़्वाजगीपुर और चिलौला है। जबकि गंगौली का ध्वस्त पड़ा है। असोहा मे कुल 25 राजकीय नलकूप है। जिसमे से चौपई , इसलामनगर , गोमापुर , लच्छीपुर , गोसाईखेड़ा नलकूप लगभग छह माह से बंद है शेष चालू है। विकास खंड औरास के विभिन्न गांवों में 10 राजकीय हैं। क्षेत्र के दस नलकूपों में सिधूर नेवाती खेड़ा, मवई, कटरा तरौना के राजकीय नलकूप यांत्रिक खराबी के चलते बंद हैं। वहीं अल्दौं में बिजली कैथन खेड़ा, बरादेव गहा खेड़ा में नाली निर्माण न होने व यांत्रिक खराबी, पंचम खेड़ा, हांथी खेड़ा व कुंवर खेड़ा की बोरिंग खराब पड़ी हुई हैं। पंचम खेड़ा की व कुंवर खेड़ा अल्दौं के नलकूप 15 वर्ष से खराब पडे हैं। हिलौली विकास खंड मे 23 राजकीय नलकूप है। जिनमे अकोहरी व खेरवा बिजली की परेशानी से बंद है। गंगाबक्स खेडा व रशूलपुर का रिबोर कराया जा रहा है। बीघापुर में बेहटा गोपी का राजकीय नलकूप ख़राब है। फतेहपुर चौरासी में आठ राजकीय नलकूप है। जिसमे दशहरी, सैता, दोस्तपुर शिवली, पट्टी उस्मान, भड़सर नौशहरा, पट्टी हमीद राजकीय नलकूप स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार दोस्तपुर शिवली, भड़सर नौशहरा, पट्टी उस्मान जो कई वर्षो से बंद पड़े है। सफीपुर में आठ राजकीय नलकूप है। जिसमे पावा, अतहा, जमालनगर सालों से ख़राब है। फसल उत्पादन में सिंचाई की महती आवश्यकता रहती है। सरकार कहती है कि किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास किये गये है लेकिन जब उन्हें समय पर पानी ही नहीं मिलेगा तो आमदनी कैसे बढ़ेगी। उधर एक पत्र के जवाब में अधिशासी अभियंता नलकूप खंड संतलाल प्रसाद ने बताया कि सभी नलकूप को ठीक करा दिया गया है। सभी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे है।  

क्या बोले पूर्व विधायक

पूर्व विधायक उदय राज यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार किसान विरोधी सरकार है। सात सौ किसानों की मौत के बाद सरकार बिल वापस लेती है। जब इस सरकार में नेता ही झूठ बोलते है। तो अधिकारी क्यों न बोले। इस गंभीर समस्या पर भी सत्ता पक्ष के नेता मौन है। इससे बड़ी लापरवाही क्या हो सकती है।

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